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Intellectual

खामोशियां बातें करती तो

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सोचती हूं कभी-कभी,
अगर खामोशियां बोल सकती तो,
रिश्तों में कितनी बरकत होती,
दर्द आंसू बनकर नहीं छलकते,
लबों पर शिकवें न होते,
हंसी में गमों की बारात ना होती,
हर दिल एक जैसे धड़कते।

सोचती हूं कभी-कभी,
अगर खामोशियां पयाम भेज सकती तो,
बिखरे हुए अरमानों की राख न होती,
टूटे हुए दिलों में द्वेष न रहते,
शिकायतों से भरें अल्फाज़ न होते,
ज़िंदगी का हर पन्ना पलटते तो,
कुछ बनें और कुछ टूटे घरों के आशियाने ना होते।

सोचती हूं कभी-कभी,
अगर खामोशियां लिख सकती तो,
अनुभव सबके यकीन हो जाते,
सही ग़लत के मायने ख़त्म हो जाते,
पढ़ कर एक दूसरे के नज़रिए को,
बात विवाद के मुद्दे सुलझ जाते।

सोचती हूं कभी-कभी,
अगर खामोशियां चीख सकती तो,
ग़लतफहमियों में बंद कितने आरोप टूट जाते,
खामोशियां टकराती जब एक दूसरे से,
कितने मलाल ज़िंदगी के कम हो जाते,
कोई शिकस्त पर रोता नहीं अपने,
जीतने की तबज्जो ज़्यादा होती दिलों में।

सोचती हूं कभी-कभी,
अगर अपनी खामोशियां बांट सकते तो,
जीवन के दर्पण में ठहराव होता,
दिल के खालीपन में बेशुमार सुकून होता,
गिला न होता हमें हार जीत का,
झोली में किसी की ज़्यादा या किसी का कम ना होता।

सोचती हूं कभी-कभी,
अगर खामोशियां सुन सकती तो,
दिलों में सब की उदासीनता होती,
लफ्ज़ जो हम न कह पाते,
फिर भी शब्दों में अभाव प्रकाशित ना हो पाती,
रह जाती जो कमी खामोशी को जताने में,
उस खलिश की एक दीवार ना होती,
ज़िंदगी मुंतमयी ना सही,
पर शिकायतों में शायद हमारी ज़िंदगी भी जंजीर न होती।

Jahnabee is an Independent working lady, Pet lovers, travel freak, music mind, culinary explorer, an extrovert and at the very core…a poet.

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7 Comments

7 Comments

  1. Shikha sumita

    January 23, 2021 at 10:46 PM

    Bhot achi Kavita hai I like it

  2. Shikha sumita

    January 23, 2021 at 10:47 PM

    Starting image bhi bhot vadiya hai

  3. Somnath Neogi

    January 24, 2021 at 1:41 PM

    Jahanabee your poems are so awesome. I keep revisiting your page over and over again to take a deep dive into your beautifully penned down thoughts. You are really doing a great work. Looking forward for more awesome content coming from you. All the best

    • Jahnabee

      January 24, 2021 at 1:46 PM

      Thank you so much Somnath. Felt motivated

  4. Avinash+Kumar

    January 29, 2021 at 8:11 PM

    Excellent Jahnabee…..
    Excellent selection of words… Deeply touched

    • Jahnabee

      January 29, 2021 at 10:14 PM

      Thank you so much Sir
      It means alot to me

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