Connect with us

Hope

वनवास

Published

on

इस उम्र को जीने के लिए

यह वनवास भी काफी है

थोड़ा दर्द तुझ में है

थोड़ा इंतजार मुझ में भी बाकी है

हर कहीं दिखती है मोहब्बत

बस खुद में हम खाली हैं

बहुत उम्मीदें हैं तुझसे

वरना दुनिया तो जाली है

 

टूटे सपनों में कहां दिखती है हकीकत

वह तो खुद में एक धोखा है

हम करते रहे इंतज़ार उसका

जिसने तोड़ा मेरा भरोसा है

अब लगता है मुझे

यह जिंदगी भी भारी है

इस उम्र को जीने के लिए

यह वनवास भी काफी है…

 

दिल की तसल्ली हो तुम

वरना बहुत कर्ज़ हैं इस मुस्कुराहट पे

लोगों को यकीन है इस बात का

कि हम तो आबाद हैं तेरी मोहब्बत से

होते जब अकेले हैं

यकीन भी रूठ जाता है

दिल में तेरे रहते हैं

फिर भी बेपनाह प्यार अधूरा है

तुझसे मोहब्बत करके

जिंदगी मैंने हारी है

इस उम्र को जीने के लिए

यह वनवास भी काफी है…

 

कभी भाप सा दरिया लगता है

अरमान जिसके सिमट गए

देखो तो धुंधला है सब कुछ

पर सच का आइना वह दिखला गए

क्या है मजबूरी इंसानों की

जो सब कुछ पाना चाहता है

बेनाम चीजों के लिए

हंसना भी भूल जाता है

तुझ संग एक होने के लिए

यह जिंदगी भी वारी है

इस उम्र को जीने के लिए

यह वनवास भी काफी है…

Jahnabee is an Independent working lady, Pet lovers, travel freak, music mind, culinary explorer, an extrovert and at the very core…a poet.

Continue Reading
8 Comments

8 Comments

  1. Mukti

    March 12, 2020 at 8:09 PM

    So true
    Wonderfully expressed emotions

    • Jahnabee

      March 12, 2020 at 9:35 PM

      Thnkew so much Mam☺️☺️

  2. Ravinder singh

    March 13, 2020 at 7:39 AM

    Beautiful lines Jahnabee

    • Jahnabee

      March 13, 2020 at 7:42 AM

      Thanxx @Ravinder☺️

  3. Nikhil

    March 13, 2020 at 7:47 AM

    Nice one bro
    Life sach me ase he ha
    Good one

  4. Suman kant jha

    March 24, 2020 at 6:46 PM

    Awesome .. I am awestruck.. beautiful poetry

    • Jahnabee

      March 24, 2020 at 7:03 PM

      Thankew so so much @suman☺️

Leave a Reply

Your email address will not be published.

Like Us!